आखिरकार क्यों घबरा गया अकाली दल कुंवर विजय प्रताप से..अकाली दल को एसआईटी में आयोग की मदद लेकर दख्लअंदाजी पड़ने लगी महंगीकुंवर विजय प्रताप के साथ खड़ा होने लगा पंजाब का सिख पंथ..

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जालंधर।

                मैं कलि का कोतवाल हूॅ, लेहू शब्द हमार
              जो यह शब्दहि मानि है, सो उतरै भौपार।

अर्थ…यह भगत कबीर जी का दोहा है, जिसका मतलब है …मैं इस कलियुग का रक्षक पहरेदार हूॅं। हमारे शब्दों पर ध्यान दों
जो मेरे उपदेश को मानेगें वे निश्चित ही इस भव रुपी संसार सागर के पार उतर जायेंगे।

जालंधर। पटना से संस्कृत में एमए और आइपीएस बनने के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से एलएलबी और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर से पीएचडी और पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री करने वाले कुंवर विजय प्रताप पंजाब के हीरो बनकर उभर रहे हैं। चाहे अकाली दल का राज हो या कांग्रेस का, कुंवर विजय प्रताप की चर्चा न हो, तो संभव ही नहीं है। कारण है कि उनकी दमदार व इमानदार शख्सियत, जिस कारण उनको किसी का खौफ नहीं।संत कबीर की व्यावहारिक वाणी को लोगों तक पहुंचाने के लिए पंजाब में अपनी प्रभावी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चित आइपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने संत कबीर के लगभग 100 दोहों पर आधारित ‘संत कबीर दे अनमोल वचन’ पंजाबी पुस्तक लिखी थी,
कबीर की वाणी का अनुसरण कर पंजाब पुलिस के दमदार अधिकारी के रूप में विख्यात कुंवर विजय प्रताप की विरोधता करना उलटा अकाली दल को महंगा पड़ने लगा है। कुंवर विजय प्रताप एसआईटी के सदस्य हैं, जो बरगाड़ी कांड, बहिबल कलां व कोटकपूुरा कांड की जांच कर रहे हैं। निहत्थे सिखों पर कैसे अकाली दल के राज में गोलियां बरसाकर शहीद किया गया, इसकी परत दर परत खोल रहे कुंवर विजय प्रताप के इस कदम से अकाली दल के पेट में दर्द होना स्वभा​विक है क्योंकि उनके कार्यकाल में तो ​सिखों पर जुल्म हुआ था। कुंवर विजय प्रताप की जांच तेजी बढ़ती जा रही थी और अब जांच का दायरा संत गुरमीत राम रहीम तक पहुंचने लगा था।  हरियाणा में भाजपा सरकार है और कुंवर के कदम को रोकना अकाली दल के लिए मुश्किल कार्य नहीं था, उनको राम रहीम से पूछताछ नहीं करने दी गई। कुंवर विजय प्रताप सिखों को न्याय देने के लिए आगे बढ़ रहे थे तो अकाली दल को परेशानी क्यों होने लगी। सिख पंथ के नेता कहते हैं कि बादल परिवार को तो कुंवर विजय प्रताप की पीठ पर आकर खड़ा होना चाहिए था कि हम आपके साथ हैं…पहले एसएसपी चलणीत शर्मा की गिरफ्तारी, फिर आईजी परमराज उमरामनंगल को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया, यह भी तस्वीर साफ की गई कि कैसे सिखों पर गोलियां बरसाने के बाद पुलिस ने क्रास केस दर्ज करने के लिए अपनी गाड़ी पर फायरिंग कर सिखों पर उलटा आरोप लगाया। खैर, ​सिख पंथ के लिए सच्चे हमदर्द बनकर आगे आ रहे कुंवर विजय प्रताप का रास्ता अकाली दल ने रोककर यह साफ कर दिया है कि वह तो पहले दिन से बरगाड़ी व ब​हिबल कलां की जांच से क्यों भाग रहे थे ? एक सच्चे सिख पंथ के सेवक आज मिले, उनहोंने बडे इत्मिनान से सिर पर हाथ रखकर कहा कि बेटे कुंवर विजय प्रताप के हाथ बाबा राम राम रहीम तक जेल में पहुंचने लगे सी, दर्द ता होना ही सी।
खैर, पंजाब में कुंवर विजय प्रताप एक हीरो बनकर उभरे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह से लेकर पीपीसीसी प्रधान सूुनील जाखड़ के अलावा विधायक सुखपाल खैहरा उनकी पीठ पर आ गए हैं। यह मुद्दा उलटा पंजाब में अकाली दल के गले में सांप की तरह पड़ गया है।